matter antimatter4

इस भाग में हम प्रोटोन संख्या, आयसोटोप और आयसोबार पर बात करेंगे | यह पोस्ट यहाँ भी है 

पिछले भागों में हमने देखा कि (आप चाहें तो यह नीले रंग वाला भाग छोड़ कर आगे चले जाएँ और आज के भाग को पढ़ें )
१) हमारे आस पास की हर वस्तु पदार्थ (matter ) से बनी हैं | 
२) इनमे से अधिकतर पदार्थ “मिश्रण” (mixtures ) हैं (जैसे – समुद्र के पानी में पानी और अनेक अम्ल हैं )
३) भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा इन मिश्रणों से “सत्व ” (pure substance )  अलग किये जा सकते हैं (जैसे पानी, नमक, शक्कर आदि) |
३) यह सत्व शुद्ध तत्त्व (elements जैसे हायड्रोजन – H ) या उनके रासायनिक जोड़ से बने संयोजन (compounds जैसे पानी – H2O ) हो सकते हैं | 
४) संयोजनों को रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा अपने मूल तत्वों में अलग किया जा सकता है, किन्तु प्राकृतिक रूप में ये अधिकतर संयोजित रूप में ही पाए जाते हैं |
५)मूल तत्वों को परमाणुओं तक और संयोजनों को अणुओं तक विभाजित किया जा सकता है | यहाँ तक उस पदार्थ के सभी गुण नज़र आयेंगे |
६) परमाणुओं को इससे भी आगे प्रोटोंस, न्यूट्रोंस , और इलेक्ट्रोंस में तोडा जा सकता है | किन्तु ये कण अब मूल तत्त्व के गुणों को नहीं दिखायेंगे | एक इलेक्ट्रोन चाहे कार्बन से आया हो, अल्युमिनियम से आया हो या किसी और परमाणु से – उसका उस पर कोई प्रभाव नहीं होगा | यह नहीं पहचाना जा सकेगा कि यह इलेक्ट्रोन किस मूल तत्त्व से आया है | 


पिछले भाग में हमने देखा कि परमाणु की संरचना में इलेक्ट्रोन किस तरह अपनी कक्षाओं में घूमते हैं, किस कक्षा में कितने इलेक्ट्रोन होते हैं, कैसे एक परमाणु दुसरे को इलेक्ट्रोन दे सकता है, या ले सकता है या फिर share कर सकता है – जिसकी वजह से electrovalent या covalent bond बनते हैं और रासायनिक संयोजन बनते हैं | कैसे कुछ पदार्थ संयोजन करते (Na + Cl = NaCl ) या नहीं करते (He ) हैं |

इस भाग में हम प्रोटोन संख्या, आयसोटोप और आयसोबार पर बात करेंगे |


हर एक मूल तत्व के परमाणु में प्रोटोन और इलेक्ट्रोन की संख्या बराबर होती है | ये दोनों उलटे आवेशों वाले है – प्रोटोन + आवेश लिए हैं और इलेक्ट्रोन – आवेश …. तो जब तक दोनों की संख्या बराबर होती है – ये दोनों आवेश एक दूसरे को बैलेंस करते हैं | इसलिए परमाणु न्यूट्रल होता है (अर्थात कोई आवेश नहीं दिखाता ) | किन्तु जो प्रोटोन होते हैं, वे इलेक्ट्रोन  की अपेक्षा हज़ारों गुना अधिक द्रव्यमान लिए होते हैं | तो भारी होने की वजह से ये “आलसी” हैं🙂 अर्थात ये घूम नहीं रहे, बलिक नाभिक (nucleus ) में बैठे सिर्फ आराम कर रहे हैं🙂 | और परमाणु को भार दे रहे हैं | इनके साथ ही भारी न्यूट्रोन भी हैं , जिन पर न + आवेश है न ही – आवेश …. ये भी प्रोटोन जितने ही द्रव्यमान वाले हैं … और यह भी नाभिक में बसे हैं , घूम नहीं रहे | इसके विपरीत इलेक्ट्रोन का आवेश – है और साथ ही ये बहुत ही हलके हैं – और ये नाभिक के आस पास अपनी कक्षाओं में घूमते रहते हैं |


यदि इलेक्ट्रोन अपने परमाणु को छोड़ जाए तो + आवेश जीतने लगेगा और + आयन बन जाएगा, इसके विपरीत बाहर से इलेक्ट्रोन आ जुड़े तो – आयन बनेगा | 


नाभिक के भीतर प्रोटोन की संख्या fixed होती है | इसे atomic number (आणविक संख्या कहते हैं ) एक प्रोटोन का वजन और एक न्यूट्रोन का वजन करीब करीब बराबर होता है – और यह होता है करीब 1 U या 1 AMU |


पिछले भाग में दी सारिणी को देखिये | एक हायड्रोजन के परमाणु में एक प्रोटोन होता है (आणविक संख्या = १) तो उसका भार कितना होगा ?


अ) यदि कोई न्यूट्रोन नहीं हो – तो १ amu 
ब) यदि १ न्यूट्रोन हो तो १+१=२ amu 
स) यदि २ न्यूट्रोन हों – तो १+२=३ amu 


अर्थात – प्रोटोन संख्या १ होने से परमाणु होगा तो हायड्रोजन ही का, गुण भी हायड्रोजन के होंगे, किन्तु आणविक संख्या एक होते हुए भी न्यूट्रोन संख्या में फर्क की वजह से आणविक भार अलग अलग हो सकते हैं | ऐसे परमाणु isotopes कहलाते हैं |


इसी तरह से यह भी हो सकता है कि आणविक संख्या अलग हो, किन्तु भार एक ही हो | जैसे 


एक पदार्थ में १० प्रोटोन और ११ न्यूट्रोन हैं – तो उसकी आणविक संख्या है १० और भार है १०+११=२१ | एक और पदार्थ में ११ प्रोटोन और १० न्यूट्रोन हैं – तो उसकी आणविक संख्या है ११ और भार है ११ +१० = २१ | तो दोनों की संख्या अलग है – तो पदार्थ तो अलग हैं, किन्तु आणविक भार एक ही बराबर है | इन्हें isobars कहा जाता है |


जारी …. 

Posted on November 25, 2011, in पदार्थ, ब्रह्माण्ड, विज्ञान. Bookmark the permalink. Leave a comment.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: